कोलकाता हाईकोर्ट से संबद्ध सुप्रसिद्ध अधिवक्ता मीता बनर्जी ने एक बार फिर भारत का नाम गौरवान्वित किया है। 29 दिसंबर को नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित भारत-नेपाल मैत्री भवन में आयोजित SARC (साउथ एशियन रीजनल कंट्रीज़) सांस्कृतिक शिखर सम्मेलन में उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इस भव्य सांस्कृतिक सम्मेलन का आयोजन भारत-नेपाल मैत्री फोरम द्वारा किया गया था। कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता मीता बनर्जी को भारतीय प्रतिनिधि के रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री माननीय श्री माधव कुमार नेपाल, अधिवक्ता श्री हरेंद्र राय यादव, डॉ. राजीव पाल सहित कई विदेशी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अधिवक्ता मीता बनर्जी एक प्रतिष्ठित वकील होने के साथ-साथ जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। अपनी निडरता, ईमानदारी और सत्य के प्रति अटूट निष्ठा के लिए वह व्यापक रूप से सम्मानित हैं। वे हमेशा न्याय के पक्ष में खड़ी रहती हैं और कूटनीतिक मामलों को कुशलता से संभालते हुए पीड़ितों और वंचितों की आवाज़ बनती हैं।
सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने धार्मिक भेदभाव, महिला सुरक्षा, सामाजिक भ्रष्टाचार, पशु उत्पीड़न और अन्य सामाजिक अन्याय जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक विचार रखे। उनके सशक्त और स्पष्ट वक्तव्य को उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी अधिवक्ता मीता बनर्जी तीन बार विभिन्न देशों में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। नेपाल में मिला यह सम्मान उनके अंतरराष्ट्रीय योगदान और सामाजिक प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है।

