पश्चिम बंगाल अवसरों का इंतज़ार नहीं कर रहा, उन्हें स्वयं सृजित कर रहा है: CII वेस्ट बंगाल वार्षिक सम्मेलन में उद्योग जगत का मंथन

सोमवार को कोलकाता में आयोजित CII वेस्ट बंगाल वार्षिक बैठक एवं सम्मेलन में उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं ने राज्य की विकास संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की। “West Bengal: Poised to Lead Riding the Next Growth Wave” थीम पर आधारित इस सम्मेलन में राज्य के उभरते विकास इंजनों, उद्यमिता को सशक्त करने, रोलिंग स्टॉक इकोसिस्टम को बढ़ावा देने तथा बुनियादी ढांचे के तीव्र विकास जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित Sourav Ganguly, अध्यक्ष, Cricket Association of Bengal एवं पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान ने खेल और व्यवसाय के बीच समानताओं को रेखांकित करते हुए प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “खेल हो या व्यापार, दोनों ही टीम पर आधारित हैं। किसी भी यात्रा में आपके साथ काम करने वाले लोग सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। संपत्ति से अधिक महत्वपूर्ण निवेश लोगों और कर्मचारियों में होता है। जीवन जोखिम लेने का नाम है, कोई भी कार्य छोटा नहीं होता। सफलता और असफलता जीवन का चक्र है, असफलताओं से कभी विचलित नहीं होना चाहिए।”

सम्मेलन में राज्य की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और मजबूत औद्योगिक आधार को आगामी दशक में पश्चिम बंगाल को विकास का प्रमुख इंजन बनाने वाले कारकों के रूप में रेखांकित किया गया।

आसनसोल दुर्गापुर विकास परिषद के अध्यक्ष श्री काबी दत्ता ने कहा कि Durgapur में विश्वसनीय बिजली से लेकर प्रचुर खनिज संसाधनों तक सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। एक योजनाबद्ध शहर होने के कारण यहां मजबूत अवसंरचना और व्यवसाय करने में सुगमता है। उन्होंने निवेशकों से दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र को नए उद्यमों और दीर्घकालिक विकास के लिए प्राथमिक गंतव्य के रूप में देखने का आग्रह किया।

Prasoon Mukherjee, चेयरमैन, Universal Success Enterprises Pvt Ltd एवं चेयरमैन, Singapore Business Federation India Business Committee ने बताया कि बंगाल सिलिकॉन वैली में 2,000 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एआई अवसंरचना स्थापित होगी और यह राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने सिंगापुर और बंगाल के बीच गहरे सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया।

CII पूर्वी क्षेत्र के उपाध्यक्ष एवं टेगा इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के ग्रुप सीईओ व प्रबंध निदेशक Mehul Mohanka ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक आबादी और बढ़ते मध्यम वर्ग के साथ पश्चिम बंगाल मांग और उत्पाद विविधता दोनों प्रदान करता है। उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में इसकी रणनीतिक स्थिति उद्यमियों को प्राकृतिक लॉजिस्टिक लाभ देती है। उन्होंने अनुमान जताया कि 2029–30 तक राज्य राष्ट्रीय आय में लगभग पाँचवें हिस्से का योगदान दे सकता है।

Peerless General Finance & Investment Co. Ltd. के प्रबंध निदेशक Jayanta Roy ने कहा, “पश्चिम बंगाल व्यवसाय के लिए खुला है और नेतृत्व के लिए तैयार है। हम स्वास्थ्य क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रहे हैं और 2030 तक 5,000 से अधिक रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है।” वहीं बंधन समूह के चेयरमैन C S Ghosh ने उद्यमिता में समावेशिता और संस्थानों में विश्वास निर्माण को दीर्घकालिक विकास की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम के दौरान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), रोलिंग स्टॉक, अवसंरचना और सतत गतिशीलता पर दो विशेष सत्र भी आयोजित किए गए।

सम्मेलन का समग्र संदेश स्पष्ट था—पश्चिम बंगाल अवसरों की प्रतीक्षा नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें स्वयं सृजित कर रहा है और आगामी विकास लहर का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

पश्चिम बंगाल अवसरों का इंतज़ार नहीं कर रहा, उन्हें स्वयं सृजित कर रहा है: CII वेस्ट बंगाल वार्षिक सम्मेलन में उद्योग जगत का मंथन

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