Ruby General Hospital में एडवांस इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी से दो जटिल मामलों में मिली नई जिंदगी

Ruby General Hospital के पल्मोनोलॉजी एवं रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग ने एडवांस इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी के माध्यम से दो अत्यंत जटिल और जानलेवा मामलों का सफलतापूर्वक उपचार कर एक नया मानदंड स्थापित किया है। पूर्वी भारत में दुर्लभ मानी जाने वाली इन प्रक्रियाओं ने बिना किसी चीरा-चीरफाड़ के मरीजों को तुरंत राहत प्रदान की।

एडवांस इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी एक आधुनिक और तेजी से विकसित हो रही चिकित्सा शाखा है, जो श्वसन नली, फेफड़ों और प्लूरा से संबंधित जटिल बीमारियों के निदान और उपचार के लिए न्यूनतम इनवेसिव (मिनिमली इनवेसिव) तकनीकों का उपयोग करती है। यह पारंपरिक सर्जरी का प्रभावी विकल्प प्रदान करती है और कई मामलों में मरीजों को शीघ्र स्वस्थ होने में मदद करती है।

अस्पताल की इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी टीम—डॉ. शुभंकर चक्रवर्ती, डॉ. देबोप्रसाद दास और डॉ. रिकसोम चटर्जी—ने पिछले एक महीने में इन दो चुनौतीपूर्ण मामलों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

62 वर्षीय महिला को मिली नई सांस

पहला मामला झारखंड की 62 वर्षीय महिला का है, जो पिछले तीन महीनों से सांस लेने में तकलीफ, सूखी खांसी के साथ खून की हल्की धारियां और बाएं सीने में तेज दर्द से परेशान थीं। उनकी स्थिति अचानक बिगड़ गई और ओपीडी में प्रतीक्षा के दौरान ही उन्हें सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई होने लगी, जिसके बाद उन्हें आपातकालीन भर्ती किया गया।

विस्तृत जांच और वीडियाब्रोंकोस्कोपी में पाया गया कि बाएं मुख्य ब्रोंकस में एक बड़ा ट्यूमर पूरी तरह अवरोध पैदा कर रहा था, जिससे बायां फेफड़ा पूरी तरह सिकुड़ गया था। परिवार की सहमति के बाद सामान्य एनेस्थीसिया में रिगिड ब्रोंकोस्कोपी की गई।

विशेषज्ञ टीम ने सावधानीपूर्वक ट्यूमर को पूरी तरह निकाल दिया, जिससे श्वासनली दोबारा खुल गई और सिकुड़ा हुआ फेफड़ा तुरंत फैल गया। प्रक्रिया के तुरंत बाद मरीज को स्पष्ट राहत मिली। चिकित्सकों के अनुसार यदि फेफड़ा लंबे समय तक सिकुड़ा रहता, तो स्थायी नुकसान हो सकता था।

रिगिड ब्रोंकोस्कोपी एक महत्वपूर्ण और मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसका उपयोग केंद्रीय श्वासनली में अवरोध, ट्यूमर, रक्तस्राव या विदेशी वस्तु को हटाने के लिए किया जाता है।

69 वर्षीय मरीज में संदिग्ध कैंसर का सफल उपचार

दूसरा मामला मिदनापुर के 69 वर्षीय बुजुर्ग का है, जिन्हें सांस फूलने और सीने में असहजता की शिकायत थी। वे सीओपीडी के मरीज थे और लंबे समय से धूम्रपान करते रहे थे। लो-डोज सीटी स्कैन में दाएं ऊपरी लोब में एक संदिग्ध नोड्यूल और बाएं ऊपरी लोब में एक वृद्धि पाई गई। एफडीजी पीईटी-सीटी स्कैन में उच्च एसयूवी अपटेक दिखाई दिया, जिससे कैंसर की आशंका प्रबल हुई।

ब्रोंकोस्कोपिक जांच में पाया गया कि बाएं ऊपरी लोब की ब्रोंकस पूरी तरह एक ट्यूमर से अवरुद्ध थी। इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी टीम ने उन्नत तकनीक और इलेक्ट्रोकॉटरी स्नेर की सहायता से ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। इसके बाद रक्तस्राव को नियंत्रित कर श्वासनली को पूरी तरह खोल दिया गया।

साथ ही दाएं ऊपरी लोब के नोड्यूल से रैडियल ईबीयूएस (एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड) गाइडेड बायोप्सी भी की गई, जिससे शीघ्र और सटीक निदान संभव हो सका। मरीज ने प्रक्रिया को अच्छी तरह सहन किया और वर्तमान में उनकी स्थिति स्थिर है तथा लक्षणों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

24 घंटे उपलब्ध विशेष टीम

Ruby General Hospital में 24 घंटे रेस्पिरेटरी मैनेजमेंट टीम और विशेष रूप से प्रशिक्षित इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं, जो आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी उपचार प्रदान करते हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने आशा व्यक्त की कि समय रहते मरीजों को उचित उपचार का अवसर मिले तो कई जानलेवा स्थितियों को टाला जा सकता है और अधिक से अधिक मरीजों को नई जिंदगी दी जा सकती है।

Ruby General Hospital में एडवांस इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी से दो जटिल मामलों में मिली नई जिंदगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *