एनआईटी दुर्गापुर में राष्ट्रीय स्तर की IPR यात्रा: 400 उद्यमियों की भागीदारी

National Institute of Technology Durgapur में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की IPR यात्रा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह पहल Branch MSME-DFO Durgapur द्वारा, Ministry of Micro Small and Medium Enterprises के तत्वावधान में आयोजित की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री Sukanta Majumdar ने किया, जिससे इस राष्ट्रीय जागरूकता अभियान का औपचारिक शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी का संयुक्त उद्घाटन श्री पी.के. दास, निदेशक, MSME-DFO कोलकाता तथा प्रो. एस.एस. रे, एनआईटी दुर्गापुर ने किया। संपूर्ण कार्यक्रम का समन्वय तपस रे, सहायक निदेशक, MSME-DFO दुर्गापुर ने संभाला।

देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 400 उद्यमियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। ट्रेडमार्क, भौगोलिक संकेतक (GI), कॉपीराइट और पेटेंट जैसे बौद्धिक संपदा के प्रमुख विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को अपने नवाचारों की सुरक्षा हेतु व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।

छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। Dr. B. C. Roy College of Pharmacy, Asansol Engineering College तथा National Institute of Technology Durgapur के 100 से अधिक छात्रों ने सत्रों में सहभागिता की।

विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचारों से कार्यक्रम को समृद्ध किया। Indian Institute of Packaging के सहायक निदेशक डॉ. बिधान दास तथा West Bengal National University of Juridical Sciences के डॉ. शांतनु पांडा ने स्टार्टअप और उभरते व्यवसायों के लिए IPR सुरक्षा के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला।

पश्चिम बंगाल राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की नोडल अधिकारी डॉ. महुआ होम चौधरी ने IPR तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जबकि Visva-Bharati University के सहायक प्रोफेसर डॉ. भोलानाथ मंडल ने बौद्धिक संपदा के अकादमिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की।

कार्यक्रम में आनंदमोयी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. हृदय हलदार एक सफल उद्यमी के रूप में उपस्थित रहे। पहले दिन का समापन बिपुल दे, सहायक निदेशक, MSME-DFO कोलकाता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

इस आयोजन की विशेष उपलब्धि 100 से अधिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) उद्यमियों की भागीदारी रही, जिनके साथ समाजसेवी तपस कुमार दे भी उपस्थित थे। Bankura Sammilani Medical College के डॉ. संदीप चटर्जी ने नवाचार और आविष्कार की भूमिका पर जोर देते हुए सतत उद्यम विकास में उनकी अहमियत बताई।

नेशनल SC-ST हब के प्रबंधक बी.आर. पाल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और लाभों की जानकारी दी। दूसरे दिन का समापन MSME-DFO कोलकाता के सहायक निदेशक अचिन्त्य भट्टाचार्य के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके साथ ही प्रभावशाली IPR यात्रा कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।

एनआईटी दुर्गापुर में राष्ट्रीय स्तर की IPR यात्रा: 400 उद्यमियों की भागीदारी

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