कविता और सुरों के संगम में संपन्न हुआ अंतरराष्ट्रीय जलंगी साहित्य पत्रिका–सहजयोद्धा मंच का 621वाँ साहित्य समागम

अंतरराष्ट्रीय जलंगी साहित्य पत्रिका एवं सहजयोद्धा मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 621वाँ मासिक साहित्य समागम शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह साहित्य संध्या एक बार फिर कविता, संगीत और रचनात्मक संवाद का सशक्त व जीवंत मंच बनकर उभरी।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती चिन्मयी विश्वास ने किया। सायं 5 बजे आरंभ होकर रात्रि 9 बजे तक चले इस साहित्य समागम ने श्रोताओं को कविता, गीत और भावनाओं की एक अनूठी साहित्यिक यात्रा का अनुभव कराया।

उद्घाटन सत्र में श्रीमती चिन्मयी विश्वास ने अपने मधुर गायन से वातावरण को संगीतमय बना दिया। इसके पश्चात उन्होंने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। उनके बाद क्रमशः श्री आशीष गिरी, श्री श्यामल दा एवं श्री राधेश्याम दास महाशय ने कविता पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम के अगले चरण में श्रीमती अनुराधा हलदार, श्रीमती रूपा गुप्ता तथा श्रीमती अजंता अड्या की भावपूर्ण संगीत प्रस्तुतियों ने सभा में विशेष गर्मजोशी और उत्साह का संचार किया। इसी क्रम में श्री आशीष गिरी ने एक कहानी का पाठ किया, जिसे उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने खूब सराहा।

इस अवसर पर साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री हिंदोल मित्र, श्री श्यामल कुमार दास, श्री सुनीति विकास चौधुरी एवं श्री गोपाल दा को उत्तरीय, स्मृति-चिह्न, प्रमाणपत्र तथा पुस्तकें भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

अध्यक्षीय भाषण तथा उपस्थित सभी साहित्यप्रेमियों द्वारा सामूहिक रूप से एक देशभक्ति गीत के गायन के साथ इस साहित्य समागम का समापन हुआ।

समग्र रूप से यह साहित्य संध्या साहित्यप्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुई, जहाँ कविता, संगीत, संवाद और सौहार्द के समन्वय से एक मनोहारी साहित्यिक वातावरण का सृजन हुआ।

कविता और सुरों के संगम में संपन्न हुआ अंतरराष्ट्रीय जलंगी साहित्य पत्रिका–सहजयोद्धा मंच का 621वाँ साहित्य समागम

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