पश्चिम बंगाल कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन (WBCSA) ने राज्य में आलू के बाजार मूल्य में गिरावट और इसके कारण किसानों व कोल्ड स्टोरेज उद्योगों को हो रहे नुकसान पर गंभीर चिंता जताई है। इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने और सरकारी हस्तक्षेप की मांग को लेकर एसोसिएशन ने आज कोलकाता प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
इस महत्वपूर्ण संवाददाता सम्मेलन में एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार राणा, उपाध्यक्ष श्री सुभाजीत साहा, पूर्व अध्यक्ष श्री तरुण कांति घोष, और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी जैसे श्री दिलीप चटर्जी, श्री कौशिक कुंडू तथा कार्यकारी सदस्य एसके जियाउर रहमान उपस्थित रहे।
इस वर्ष राज्य के शीतगृहों में कुल 70.85 लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया है। परंतु, अंतर-राज्यीय व्यापार पर प्रतिबंध के चलते लगभग 10 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त आलू (अगेती किस्म) भी शीतगृहों में रखे गए हैं, जिससे रिकॉर्ड मात्रा में स्टॉक जमा है। सरकार द्वारा घोषित ₹9 प्रति किलोग्राम के न्यूनतम समर्थन मूल्य से प्रोत्साहित होकर किसानों ने अपनी उपज का बड़ा हिस्सा भंडारित किया, जो अब कुल स्टॉक का लगभग 75-80% है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने बताया कि मई 2025 में अनलोडिंग सीजन की शुरुआत के समय, आलू की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर थीं। लेकिन कुछ ही हफ्तों में कीमतें कई जिलों में घटकर ₹9-10 प्रति किलो रह गईं, जिससे किसानों को प्रति क्विंटल ₹400-₹500 तक का घाटा हो रहा है।
एसोसिएशन ने चेताया कि यदि यह स्थिति बनी रही तो इसका असर अगली फसल के उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे मांग और आपूर्ति में असंतुलन पैदा हो सकता है और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा कोल्ड स्टोरेज उद्योग को भारी नुकसान होगा।
अध्यक्ष श्री राणा ने कहा, “आलू की थोक और खुदरा कीमतों के बीच का अंतर न केवल किसानों के लिए विनाशकारी है, बल्कि कोल्ड स्टोरेज इकाइयों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा कर रहा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करे, मध्याह्न भोजन जैसी योजनाओं में आलू को शामिल करे, और अंतर-राज्यीय व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नीति-सहायता दे।”
सरकार ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ सुधारात्मक कदम प्रस्तावित किए हैं। इनमें मध्याह्न भोजन में आलू को शामिल करना, घोषित समर्थन मूल्य पर कुल संरक्षित स्टॉक का 15% खरीदना, और परिवहन सब्सिडी प्रदान कर अन्य राज्यों और देशों के साथ व्यापार को बढ़ावा देना शामिल है।
एसोसिएशन ने इस अवसर पर एकजुट होकर राज्य सरकार से अपील की कि वह आलू की कीमतों को स्थिर करने और किसानों व कोल्ड स्टोरेज उद्योग को बचाने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए।

