बजट 2026 में घोषित 10,000 करोड़ रुपये के समर्पित एमएसएमई ग्रोथ फंड को भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताते हुए एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम, पश्चिम बंगाल की अध्यक्ष सीएस (डॉ.) एडवोकेट ममता बिनानी ने इसका जोरदार स्वागत किया है।
ममता बिनानी ने कहा कि अर्थव्यवस्था के इस महत्वपूर्ण दौर में यह फंड एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह पहल न केवल एमएसएमई को नवाचार, आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराएगी, बल्कि वैश्विक व्यापार में आने वाले टैरिफ और अस्थिरताओं से भी इस क्षेत्र को सुरक्षित रखने में सहायक होगी।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में एमएसएमई तरलता संकट, भुगतान में देरी और तीव्र प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यह ग्रोथ फंड प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने, वैश्विक बाजारों तक पहुंच सुधारने और वैल्यू चेन में गहरी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा। बजट में बढ़ी हुई ऋण सुविधा और संरचनात्मक समर्थन उपायों के साथ मिलकर यह कदम सरकार की एमएसएमई के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ममता बिनानी ने कहा कि एमएसएमई भारत की औद्योगिक वृद्धि, रोजगार सृजन और निर्यात क्षमता की रीढ़ हैं। यह दूरदर्शी निर्णय समावेशी विकास को गति देगा, क्षेत्र की मजबूती बढ़ाएगा और एक आत्मनिर्भर एमएसएमई इकोसिस्टम के निर्माण में मदद करेगा।
गौरतलब है कि ममता बिनानी एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम – पश्चिम बंगाल की अध्यक्ष हैं। वह कॉरपोरेट गवर्नेंस और सीएसआर के लिए आईसीएसआई नेशनल अवॉर्ड 2016, गोल्डन पीकॉक अवॉर्ड और एसोचैम सीएसआर अवॉर्ड की जूरी सदस्य रह चुकी हैं। इसके साथ ही वह कोलकाता नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष, मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स की लीगल अफेयर्स काउंसिल की चेयरपर्सन तथा INSOL इंडिया की कार्यकारिणी समिति की सदस्य हैं।
वह इंटरनेशनल विमेंस इनसॉल्वेंसी एंड रिस्ट्रक्चरिंग कन्फेडरेशन (IWIRC) की बोर्ड सदस्य एवं वर्तमान में इंडिया नेटवर्क की को-चेयर भी हैं। इसके अलावा वह सेंचुरी प्लाई, बलरामपुर चीनी मिल्स, इमामी लिमिटेड सहित देश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।
ममता बिनानी का मानना है कि सरकार विकास की इंजन है और समाज के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में सरकार के प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।

