कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पुस्तकों को समर्पित पहली ओपन स्ट्रीट लाइब्रेरी की शुरुआत की गई है। इस वर्ष सरस्वती पूजा की थीम “ममतामय लाइब्रेरी” रखी गई है, जो ज्ञान, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संदेश देती है।
इस मुक्त पुस्तकालय में ममता बनर्जी द्वारा लिखित करीब 200 पुस्तकें आम लोगों के पढ़ने के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। खास बात यह है कि सरस्वती पूजा समाप्त होने के बाद भी यह ममतामय लाइब्रेरी लगातार संचालित रहेगी, ताकि अधिक से अधिक लोग साहित्य से जुड़ सकें।
12 नंबर वार्ड की पार्षद एवं नगर माता डॉ. मीनाक्षी गंगोपाध्याय ने अन्य वार्डों के पार्षदों से भी इसी तरह ममता बनर्जी की पुस्तकों की लाइब्रेरी स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को निशाना बनाकर जितनी अधिक नकारात्मक बातें कही जाएंगी, उतनी ही मजबूती से उनके लेखन और गीतों को आम लोगों तक पहुंचाना होगा।
डॉ. गंगोपाध्याय ने जोर देते हुए कहा कि हर वार्ड, हर पंचायत और हर विधानसभा क्षेत्र में ममतामय लाइब्रेरी का निर्माण होना चाहिए, ताकि साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक विचारों का प्रसार हो सके।

