सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स – सीएमआरआई, कोलकाता ने पूर्वी भारत के निजी क्षेत्र का पहला बोन बैंक शुरू किया

सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स – सीएमआरआई, कोलकाता ने आज अपने समर्पित बोन बैंक की शुरुआत की घोषणा की, जो पूर्वी भारत में निजी क्षेत्र का पहला क्रियाशील बोन बैंक है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार यह आधुनिक सुविधा अस्पताल की मस्क्युलोस्केलेटल, ट्रॉमा, ऑन्कोलॉजी और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी क्षमता को और अधिक मजबूत बनाएगी तथा उच्च गुणवत्ता वाले बोन एलोग्राफ्ट्स की विश्वसनीय उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।

बोन बैंक आधुनिक शल्य चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यहां उपलब्ध ग्राफ्ट्स व्यापक डोनर स्क्रीनिंग, माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग, स्टेरिलाइजेशन और ट्रेसिबिलिटी जैसे कठोर प्रक्रियाओं से गुजरते हैं। इससे ऑटोग्राफ्ट हार्वेस्टिंग पर निर्भरता कम होती है, जिससे ऑपरेशन का समय, अतिरिक्त दर्द और जटिलताओं में कमी आती है। सीएमआरआई का बोन बैंक मरीजों की रिकवरी, सर्जिकल परिणामों और ऑपरेटिंग-रूम दक्षता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस सुविधा के माध्यम से स्ट्रक्चरल कॉर्टिको-कैंसिलस ब्लॉक, मॉर्सेलाइज्ड ग्राफ्ट और कैंसिलस चिप्स सहित कई प्रकार के ग्राफ्ट उपलब्ध होंगे। ये ग्राफ्ट्स ट्यूमर रि-सेक्शन, जटिल फ्रैक्चर, नॉन-यूनियन सर्जरी, स्पाइनल फ्यूजन और डिफॉर्मिटी करेक्शन जैसी कई प्रमुख सर्जिकल स्थितियों में उपयोगी साबित होंगे।

अस्थि बैंक की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डालते हुए, सीके बिड़ला हॉस्पिटल्स – सीएमआरआई के ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष एवं निदेशक डॉ. राकेश राजपूत ने कहा,
“उन्नत ओर्थोपेडिक रिकंस्ट्रक्शन में एक समर्पित बोन बैंक अत्यंत आवश्यक है। जटिल फ्रैक्चर, ट्यूमर रि-सेक्शन, नॉन-यूनियन और डिफॉर्मिटी करेक्शन जैसे मामलों में बोन एलोग्राफ्ट्स मरीजों को अतिरिक्त ट्रॉमा दिए बिना स्थिरता और संरचना प्रदान करते हैं। इससे ऑपरेटिव समय घटता है, जटिलताएँ कम होती हैं और परिणाम बेहतर होते हैं। सीएमआरआई का यह कदम क्षेत्र के मरीजों के लिए सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली सर्जिकल सेवाओं का नया मार्ग प्रशस्त करेगा।”

लॉन्च कार्यक्रम में बोलते हुए यूनिट हेड श्री सोम्ब्रत रॉय ने कहा,
“बोन बैंक की स्थापना मरीजों को बेहतर उपचार देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उच्च गुणवत्ता वाले नियंत्रित ग्राफ्ट्स की उपलब्धता जटिल सर्जरी को सक्षम बनाती है, प्रतीक्षा अवधि कम करती है और पूरे पूर्वी भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की समानता को बढ़ावा देती है।”

कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथि—जिनमें श्री एन. एस. निगम, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, डॉ. स्वपन सारेन, डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विसेज, प्रो. (डॉ.) इंद्रजीत साहा, डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन, तथा डॉ. अनिरुद्ध नेगी, पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी—ने भाग लेकर पहल की सराहना की। उनके अनुसार यह कदम राज्य में सुरक्षित टिश्यू बैंकिंग और उन्नत सर्जिकल अवसंरचना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दो मरीजों की उपस्थिति, जिन्होंने बोन बैंक से लाभ पाया, कार्यक्रम में भावनात्मक और प्रेरक महत्व जोड़ गई।

विशेष धन्यवाद प्रो. (डॉ.) अजय एस. एम., सीनीयार कंसल्टेंट, रामैया मेडिकल कॉलेज एवं कोऑर्डिनेटर, रामैया टिश्यू बैंक, को दिया गया, जिनके मार्गदर्शन से सीएमआरआई के बोन बैंक की तकनीकी और गुणवत्ता मानक प्रणाली विकसित की गई।

सीएमआरआई का बोन बैंक रिसर्च, सर्जिकल ट्रेनिंग और इनोवेशन को भी बढ़ावा देगा। अनुभवी टीम, स्टैंडर्डाइज्ड प्रोटोकॉल और सुरक्षित कोल्ड-चेन प्रबंधन के साथ यह सुविधा पूर्वी भारत में टिश्यू बैंकिंग का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।


सीएमआरआई के बारे में

1969 में स्थापित, एनएबीएच मान्यता प्राप्त सीके बिड़ला हॉस्पिटल – सीएमआरआई, 440 बेड वाला प्रमुख मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है। यहां अत्याधुनिक आईसीयू, रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट, अंतरराष्ट्रीय मानक की रेस्पिरेटरी आईसीयू और वयस्क व बाल चिकित्सा दोनों के लिए ट्रांसप्लांट प्रोग्राम चलते हैं। यह पूर्वी भारत का एकमात्र क्यूएआई-मान्यता प्राप्त स्ट्रोक सेंटर है। अस्पताल में डीएनबी कोर्सेज और नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित होते हैं।

सीकेए बिड़ला समूह के बारे में

सीकेए बिड़ला समूह बहुराष्ट्रीय भारतीय समूह है, जिसके 35,000 से अधिक कर्मचारी और दुनियाभर में 50+ विनिर्माण इकाइयाँ हैं। समूह प्रौद्योगिकी, ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर, होम और बिल्डिंग सहित कई क्षेत्रों में कार्यरत है, और आधुनिक तकनीक तथा डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से तेज़ी से विकसित हो रहा है। समूह की कई प्रसिद्ध कंपनियाँ—जैसे बिरलासॉफ्ट, नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज, ओरिएंट इलेक्ट्रिक, सीके बिड़ला हेल्थकेयर आदि—विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के लिए जानी जाती हैं। साथ ही, बिट मेसरा, मॉडर्न हाई स्कूल, बीएम बिड़ला साइंस सेंटर और सीएमआरआई ट्रस्ट हॉस्पिटल्स जैसी संस्थाएँ समूह की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

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