साम्प्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश देने के उद्देश्य से हावड़ा में एक भव्य एकता मार्च का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा मंगलवार दोपहर शिवपुर के काज़ीपाड़ा से शुरू होकर हावड़ा मैदान (बंगबासी) तक पहुंची। इस गैर-राजनीतिक पहल का आयोजन हावड़ा जिला संस्कृति मंच द्वारा किया गया।
मार्च का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष श्रीकांत घोष ने किया। इस एकता यात्रा में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, जैन सहित विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने स्वस्फूर्त रूप से भाग लिया, जिससे यह आयोजन एक मिलन मेले का रूप लेता नजर आया।
मार्च के दौरान गीतों और नारों के माध्यम से एकता, शांति और सह-अस्तित्व का संदेश दिया गया। यात्रा के समापन अवसर पर हावड़ा के विधायक एवं राज्य सरकार के मंत्री अरूप राय भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल सदैव साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल रहा है और यहां विभाजन की राजनीति कभी सफल नहीं होगी।
इस अवसर पर श्रीकांत घोष ने कहा कि सभी धर्मों की संयुक्त संस्कृति ही बंगाल की असली ताकत है। इसी एकता और सद्भाव का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए इस एकता मार्च का आयोजन किया गया।

