पश्चिम बंगाल में आर्थिक रूप से कमजोर किडनी रोगियों को बेहतर और किफायती उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए द किडनी केयर सोसाइटी ने साइंस सिटी के निकट ‘सम्पा बोस मेमोरियल चैरिटेबल रीनल केयर एंड रिसर्च सेंटर’ का भव्य उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक चैरिटेबल किडनी चिकित्सा एवं अनुसंधान केंद्र राज्य के जरूरतमंद मरीजों के लिए गुणवत्तापूर्ण रीनल हेल्थकेयर उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर शुरू किया गया है।
इस केंद्र की स्थापना प्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी स्वपन साधन “टूटू” बोस द्वारा अपनी दिवंगत पत्नी सम्पा बोस की स्मृति में की गई है। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए छह मंजिला प्रतिदिन मीडिया भवन दान स्वरूप उपलब्ध कराया। दिवंगत सम्पा बोस ने लंबे समय तक क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) से संघर्ष किया था और उसी प्रेरणा से इस संस्थान की स्थापना की गई, ताकि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी मरीज जीवनरक्षक किडनी उपचार से वंचित न रहे।
उद्घाटन समारोह में पश्चिम बंगाल भाजपा की महासचिव लॉकेट चटर्जी, रामकृष्ण मिशन के स्वामी स्पर्शानंद जी महाराज, अभिनेता सब्यसाची चक्रवर्ती, अभिनेत्री मिथु चक्रवर्ती, पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप मित्रा, भाजपा उत्तर कोलकाता के जिला अध्यक्ष तमोघ्न घोष, उद्योगपति एवं ट्रस्टी श्रीनजॉय बोस, उद्योगपति एवं ट्रस्टी शौमिक बोस, द किडनी केयर सोसाइटी के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रतिम सेनगुप्ता, मोहन बागान क्लब के अध्यक्ष देबाशीष दत्ता सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
भारत में क्रॉनिक किडनी डिजीज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हो चुकी है। ऐसे समय में यह नया केंद्र अत्याधुनिक डायलिसिस, उन्नत डायग्नोस्टिक्स, क्रिटिकल केयर और समग्र रोगी सहायता सेवाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगा। संस्था का उद्देश्य अपने मूल मंत्र “सभी के लिए उत्तम किडनी स्वास्थ्य” को साकार करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण किडनी उपचार पहुंचाना है।
इस अवसर पर द किडनी केयर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा कि यह केवल एक अस्पताल का उद्घाटन नहीं, बल्कि समान और सुलभ किडनी उपचार की दिशा में एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज को उसकी आर्थिक स्थिति से परे सम्मानजनक, गुणवत्तापूर्ण उपचार और नई उम्मीद मिलनी चाहिए।
वहीं उद्योगपति एवं ट्रस्टी श्रीनजॉय बोस ने बताया कि केंद्र की शुरुआत 18-बेड वाले अत्याधुनिक डे-केयर डायलिसिस यूनिट से की गई है, जहां क्रिटिकल केयर, डायग्नोस्टिक सेवाएं, फार्मेसी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपलब्ध रहेगी। भविष्य में इसे 50-बेड वाले पूर्ण विकसित चैरिटेबल रीनल अस्पताल, विश्वस्तरीय अनुसंधान प्रयोगशाला तथा समेकित वेलनेस सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि देशभर के हजारों मरीजों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा।
द किडनी केयर सोसाइटी की स्थापना वर्ष 2012 में कोलकाता में एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में हुई थी। संस्था किडनी रोगों के प्रति जागरूकता, रोकथाम, अनुसंधान और किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण रीनल हेल्थकेयर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट एवं ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. प्रतिम सेनगुप्ता के नेतृत्व में संस्था का लक्ष्य “सभी के लिए उत्तम किडनी स्वास्थ्य” के संकल्प को साकार करना है।

