अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर अग्रणी मानसिक और भावनात्मक वेलनेस केंद्र Annantaa ने एक विशेष उद्देश्यपूर्ण समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह आयोजन किसी एक पेशे तक सीमित न होकर एक समावेशी मंच के रूप में तैयार किया गया था, जहां अलग-अलग पृष्ठभूमि से आई प्रेरणादायक महिलाओं की यात्राओं, उपलब्धियों और समाज पर उनके सकारात्मक प्रभाव को सराहा गया।
कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित महिला नेताओं और परिवर्तनकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें Dr. Arundhati Sarkar, MRA Nandini Bhattacharjee, Monalisa Mukherji, Dr. Amrita Panda, Mansi Sanghvi Bhayani, Sumitra Paul Bakshi और Nandini Gupta शामिल रहीं। इन सभी की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया और सामूहिक विकास, जागरूक नेतृत्व तथा साझा जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।
समग्र विकास और मानसिक संतुलन की अपनी मूल विचारधारा के अनुरूप Annantaa ने ऐसे विचारों और अनुभवों को एक मंच पर लाया, जो संवेदनशील नेतृत्व और मानवीय मूल्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देते हैं। इस आयोजन ने यह भी रेखांकित किया कि भावनात्मक जागरूकता, मानसिक दृढ़ता और उद्देश्यपूर्ण जीवन केवल मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, उद्यमिता, सामाजिक सेवा, रचनात्मक उद्योगों और सामुदायिक नेतृत्व जैसे अनेक क्षेत्रों में प्रगति की आधारशिला हैं।
इस अवसर पर Madhuri Sarda, संस्थापक और काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट, Annantaa, ने कहा, “यह समारोह उन महिलाओं को सम्मान देने का हमारा तरीका है जो अपने पेशे से परे गहराई, संवेदनशीलता और साहस के साथ नेतृत्व करती हैं। हमारा मानना है कि सच्चा नेतृत्व भीतर से शुरू होता है। जब महिलाएं भावनात्मक रूप से सशक्त होती हैं, तो वे अपने हर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की लहर पैदा करती हैं।”
वहीं Vidhi Bansal, सह-संस्थापक और साइकोथेरेपिस्ट, Annantaa, ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और जिम्मेदारी का भी समय है। विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को एक मंच पर सम्मानित करके हम यह दिखाना चाहते थे कि भावनात्मक संतुलन, दृढ़ता और आत्म-जागरूकता सार्वभौमिक शक्तियां हैं। जब महिलाओं को सही समर्थन और पहचान मिलती है, तो वे अपनी पूरी क्षमता को उजागर कर सकती हैं।”
कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश सामने आया कि इस वर्ष की भावना ‘Give to Gain’ केवल एक थीम नहीं, बल्कि एक जीवन दृष्टि है—जहां विचार, समय, सहानुभूति और उद्देश्य की उदारता से ही वास्तविक प्रगति संभव होती है। विविध अनुभवों, साझा ज्ञान और सामूहिक शक्ति को सम्मानित करते हुए Annantaa ने यह विश्वास दोहराया कि जब महिलाएं एक-दूसरे को सशक्त बनाती हैं और भावनात्मक जागरूकता के साथ नेतृत्व करती हैं, तो उसका लाभ केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज को मिलता है।


