श्री महादेवतला मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट, 37/37/1 डायमंड हार्बर रोड, कोलकाता-37, जो लंबे समय से धार्मिक, सांस्कृतिक, भक्ति संगीत तथा विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यों से जुड़ा हुआ है, इन दिनों विवादों के कारण चर्चा में है।
मंदिर से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के कुछ सदस्यों एवं पुजारियों पर ट्रस्ट की संपत्तियों के कथित दुरुपयोग, सामान की चोरी तथा ट्रस्ट के नाम पर अनियमित गतिविधियां संचालित करने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर मंदिर प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच असंतोष का माहौल बना हुआ है।
इसी मुद्दे पर मंदिर प्रशासन की ओर से एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपनी आपत्ति और चिंता व्यक्त की गई। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि किसी भी धार्मिक संस्था को निर्धारित नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि मंदिर के संचालन के लिए स्पष्ट नियम एवं अनुशासन आवश्यक हैं और इनका पालन सभी संबंधित व्यक्तियों द्वारा किया जाना चाहिए।
मंदिर प्रशासन ने यह भी कहा कि संस्था की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए सभी गतिविधियों का संचालन नियमों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है ताकि मंदिर की प्रतिष्ठा एवं सेवा कार्य प्रभावित न हों।
उल्लेखनीय है कि विवाद में जिन ट्रस्ट पदाधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें अध्यक्ष कालीचरण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष हीरालाल अग्रवाल, सचिव वीरेंद्र गुप्ता, संयुक्त सचिव आशीष अग्रवाल तथा अन्य पदाधिकारी सुरेश गुप्ता, मोहनलाल सांकर, गोविंद कुमार अग्रवाल और दिनेश कुमार राय शामिल हैं। हालांकि, आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने तथा संस्था के हित में सत्य एवं पारदर्शिता की स्थापना के लिए सहयोग करने की अपील की है।

