लीगल एड सर्विसेज़ द्वारा आयोजित एक गरिमामय समारोह में न्यायपालिका, शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी, कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार एवं न्यायमूर्ति प्रदीप्त रॉय, साथ ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय और न्यायमूर्ति चैताली चटर्जी दास विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आशुतोष घोष, गणमाध्यम केंद्र के पूर्व अधिकारी नितीश भट्टाचार्य सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
संस्था के सचिव बिप्लब कुमार सरकार ने जानकारी दी कि कलकत्ता विश्वविद्यालय के सहयोग से संचालित लीगल एड सर्विसेज़ के 12वें बैच के 47 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (काउंसलिंग) के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम समाज में प्रशिक्षित काउंसलरों की आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम के दौरान स्वर्गीय न्यायमूर्ति डी. के. बसु की स्मृति में एक विशेष स्मारिका का भी विमोचन किया गया, जिसमें उनके न्यायिक योगदान और सामाजिक सरोकारों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
समारोह का एक अन्य प्रमुख आकर्षण रहा लीगल एड सर्विसेज़ के चेयरमैन, कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं न्याय विभाग के पूर्व प्रधान सचिव न्यायमूर्ति अरुणाभ बरुआ का सम्मान। उन्हें ‘कुमुद साहित्य मेला समिति’ की ओर से पूर्व न्यायमूर्ति सुधेंदुनाथ मल्लिक स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान मोल्ला जसीमुद्दीन, समरेंदु चक्रवर्ती, विश्वजीत पाल तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से प्रदान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने न्यायिक जागरूकता, कानूनी सहायता और परामर्श सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के वंचित वर्गों तक न्याय और परामर्श सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

