कोलकाता में ‘वर्ल्ड किडनी डे 2026’ पर वैज्ञानिक संगोष्ठी, किडनी स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया गया जोर

किडनी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से Kidney Care Society ने Nephrocare India के सहयोग से World Kidney Day 2026 के अवसर पर एक वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम कोलकाता के The Stadel में आयोजित किया गया, जिसमें किडनी रोगों की रोकथाम, प्रारंभिक जांच और समग्र उपचार के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस वर्ष विश्व किडनी दिवस का वैश्विक विषय “Kidney Health for All – Caring for People, Protecting the Planet” रहा। इसी थीम के अनुरूप आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देश्य आम लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को किडनी रोगों की समय रहते पहचान, रोकथाम तथा बेहतर प्रबंधन के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन समारोह और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट Dr. Pratim Sengupta ने उद्घाटन भाषण दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Prof. Dilip Baidya भी उपस्थित रहे और उन्होंने किडनी स्वास्थ्य के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। इनमें Dr. Tathagata Mukherjee, Dr. Sourav Sadhukhan, Dr. Prabhav Bansali और Subhabrata Bhattacharjee शामिल थे। विशेषज्ञों ने क्रिएटिनिन स्तर को नियंत्रित रखने, डायलिसिस को टालने की संभावनाओं, क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के नए उपचार दृष्टिकोण और जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से किडनी स्वास्थ्य सुधारने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

मीडिया से बातचीत में Dr. Pratim Sengupta, जो Nephrocare India के संस्थापक और निदेशक हैं, ने कहा कि किडनी रोग को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआती चरण में स्पष्ट नहीं होते। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और रोकथाम के उपायों से क्रॉनिक किडनी रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने नियमित किडनी फंक्शन टेस्ट जैसे सीरम क्रिएटिनिन, ब्लड यूरिया नाइट्रोजन और ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट की जांच कराने की सलाह दी, जिससे किडनी से जुड़ी समस्याओं का जल्द पता लगाया जा सके।

गौरतलब है कि Nephrocare India एक समर्पित और समग्र किडनी देखभाल संस्थान है, जिसकी स्थापना दिसंबर 2021 में प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट Dr. Pratim Sengupta द्वारा की गई थी। यह संस्था गंभीर किडनी रोगों से पीड़ित मरीजों को आधुनिक और किफायती उपचार प्रदान करने के लिए जानी जाती है।

संस्थान का उद्देश्य मरीजों को केवल चिकित्सा उपचार ही नहीं, बल्कि समग्र देखभाल उपलब्ध कराना है। यहां रोगियों के उपचार में वैज्ञानिक जांच, पैथोलॉजी रिपोर्ट और चिकित्सा तर्क के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है। संस्थान का मानना है कि मानव शरीर केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक, आध्यात्मिक और ऊर्जा के स्तरों से भी जुड़ा होता है, और रोग के प्रभाव को समझने के लिए इन सभी पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है।

Nephrocare India का सिद्धांत है कि प्रत्येक मरीज के साथ परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार किया जाए और उन्हें वही देखभाल दी जाए, जो किसी प्रियजन को दी जाती है। इस वैज्ञानिक संगोष्ठी के माध्यम से किडनी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।

कोलकाता में ‘वर्ल्ड किडनी डे 2026’ पर वैज्ञानिक संगोष्ठी, किडनी स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया गया जोर

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