बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने विश्व शांति का संदेश देते हुए कहा कि युद्ध और हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकते। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि संघर्ष का मार्ग छोड़कर शांति और सह-अस्तित्व की राह अपनाई जाए। भिक्षुओं के अनुसार, भगवान गौतम बुद्ध ने भी अपने जीवन में शांति, करुणा और संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान का मार्ग दिखाया था।
आज के समय में जब विश्व भर में लोग हिंसा, संघर्ष और युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में बौद्ध भिक्षुओं का मानना है कि केवल बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर ही मानवता में शांति स्थापित की जा सकती है। बुद्ध पूर्णिमा का दिन राजकुमार सिद्धार्थ के जन्म, बुद्धत्व प्राप्ति और महापरिनिर्वाण—इन तीनों महत्वपूर्ण घटनाओं की स्मृति का प्रतीक है। इस अवसर पर देश-विदेश से आए भिक्षुओं ने विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की।
कोलकाता के टालीगंज स्थित संबोधि बुद्ध विहार में टालीगंज म्यूर एवेन्यू बौद्ध समिति के तत्वावधान में 2570वीं शुभ बुद्ध पूर्णिमा (इंटरनेशनल विसाख डे) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत बुद्ध पूजा, विश्व शांति पर विचार गोष्ठी, बौद्ध कीर्तन, बौद्ध धर्म पर आधारित क्विज प्रतियोगिता, चित्रांकन प्रतियोगिता तथा एक विशाल मैत्री शोभायात्रा का आयोजन किया गया।
इस समारोह में भदंत विश्वजीत भिक्षु, बौद्ध धर्मांकर सभा के सह-संपादक, बुद्ध जयंती उत्सव समिति के अध्यक्ष डॉ. अरुणज्योति भिक्षु तथा चीनी कॉन्सर्ट जनरल किंग यंग सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि युद्ध कभी भी समाधान का मार्ग नहीं हो सकता, बल्कि संवाद और आपसी समझ ही स्थायी शांति की दिशा दिखाती है।

