वेस्ट बंगाल गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन (WBGMDA) द्वारा साइंस सिटी, कोलकाता में आयोजित 60वें गारमेंट बायर्स एंड सेलर्स मीट एवं बी2बी एक्सपो के दूसरे दिन देश-विदेश से आए खरीदारों, खुदरा विक्रेताओं, वितरकों, थोक व्यापारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की भारी उपस्थिति देखने को मिली। पूर्वी भारत के सबसे बड़े परिधान व्यापारिक आयोजनों में शामिल इस एक्सपो ने दूसरे दिन भी कारोबार और निवेश की नई संभावनाओं को मजबूत किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) के राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूल शिक्षा, आवास, एमएसएमई एवं वस्त्र मंत्री दीपक बर्मन, विधायक डॉ. राजेश कुमार, दिलीप सिंह और विजय ओझा, पार्षद मीना देवी पुरोहित, समाजसेवी सुशील ओझा सहित WBGMDA के अध्यक्ष हरी किशन राठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय करिवाला, उपाध्यक्ष प्रदीप मुरारका, मानद सचिव देवेंद्र बैद, कार्यकारी समिति सदस्य मनीष अग्रवाल तथा अनेक उद्योग जगत के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
दो लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में फैले इस तीन दिवसीय मेगा एक्सपो में 1,000 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के रेडीमेड परिधानों का नवीनतम संग्रह प्रदर्शित कर रहे हैं। दूसरे दिन प्रदर्शनी हॉल खरीदारों से खचाखच भरे रहे। विभिन्न कंपनियों ने नए उत्पाद लॉन्च किए और बड़े पैमाने पर व्यापारिक वार्ताएं हुईं। आयोजकों के अनुसार, तीन दिनों में लगभग 1,600 करोड़ रुपये के थोक कारोबार होने की संभावना है।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि एक समय बंगाल का परिधान उद्योग देशभर में अग्रणी था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की प्रतिकूल औद्योगिक नीतियों के कारण उद्योगों का पलायन हुआ और रोजगार के अवसर प्रभावित हुए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अब राज्य एक नए औद्योगिक दौर की ओर बढ़ रहा है, जहां निवेश और रोजगार के बेहतर अवसर विकसित होंगे।
राज्य के स्कूल शिक्षा, आवास, एमएसएमई एवं वस्त्र मंत्री दीपक बर्मन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में गारमेंट उद्योग का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। उन्होंने बताया कि देशभर के निवेशक राज्य में मध्यम और बड़े स्तर की परिधान निर्माण इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने WBGMDA की लंबे समय से चली आ रही समर्पित गारमेंट हब की मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी।
WBGMDA के अध्यक्ष हरी किशन राठी ने कहा कि एक्सपो के दूसरे दिन मिला उत्साहजनक प्रतिसाद भारतीय गारमेंट उद्योग की मजबूती और उसकी बढ़ती संभावनाओं का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह मंच केवल व्यापारिक लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक साझेदारी, नवाचार और नए बाजारों तक पहुंच बनाने का भी अवसर प्रदान करता है। उन्होंने सभी प्रदर्शकों, खरीदारों, उद्योग सहयोगियों और सरकार का आयोजन को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
WBGMDA की स्थापना वर्ष 1962 में हुई थी और यह पूर्वी भारत के रेडीमेड परिधान उद्योग का एक प्रमुख संगठन है। भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के अधीन कार्यरत इस संस्था के 570 से अधिक सदस्य हैं। संगठन वर्ष में दो बार गारमेंट बायर्स एंड सेलर्स मीट आयोजित करता है तथा उद्योग से जुड़े सेमिनार, सरकारी नीतियों पर जागरूकता कार्यक्रम, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और व्यापारिक विवादों के समाधान जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में संगठन के कोषाध्यक्ष कन्हैयालाल लखोटिया, संयुक्त कोषाध्यक्ष प्रेम कुमार सिन्हाल, अमरचंद जैन, तरुण कुमार झाझरिया, आशीष झावर, मनीष राठी, कमलेश केड़िया, किशोर कुमार गुलगुलिया, विक्रम सिंह बैद, सौरव चांडक, साकेत खंडेलवाल, संदीप राजा, भुवन अरोड़ा, मोहित दुगार, सज्जन शर्मा, अशोक अग्रवाल, किंकर सेनापति, मयंक चौधरी और राजा सुल्तानिया सहित कई कार्यकारी समिति सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष हरी प्रसाद शर्मा तथा चांद मल लाधा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश चांडालिया ने किया।
60वां गारमेंट बायर्स एंड सेलर्स मीट एवं बी2बी एक्सपो 14 जुलाई 2026 को संपन्न होगा। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन पश्चिम बंगाल के गारमेंट उद्योग को नई गति देने के साथ-साथ राज्य की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

