इंटरनेशनल चैंबर ऑफ बिजनेस एंड इंडस्ट्री (ICBI) की ओर से कोलकाता के ITC Royal Bengal में पश्चिम बंगाल के विकास और आर्थिक भविष्य पर एक विशेष टॉक शो का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP), पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष श्री समिक भट्टाचार्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में आयोजन की संयोजक सुश्री विनीता अग्रवाला के अलावा ICBI के फाउंडर ट्रस्टी श्री महेश कुमार केडिया, श्री आदित्य मुरारका और श्री विष्णु सुरेका सहित प्रमुख उद्योगपति, उद्यमी, पेशेवर एवं व्यापारिक समुदाय के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम का विषय था—“पश्चिम बंगाल: पिछले 50 वर्षों में हमने क्या खोया और अगले 10 वर्षों में क्या हासिल करने की योजना है”। चर्चा के दौरान राज्य के आर्थिक परिवर्तन, औद्योगिक पुनरुत्थान, बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन, शिक्षा तथा निवेश की संभावनाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
श्री समिक भट्टाचार्य ने विकसित और समृद्ध पश्चिम बंगाल के निर्माण को लेकर अपने विचार साझा करते हुए नीतिगत सुधार, उद्यमिता तथा सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसर बिना अनावश्यक हस्तक्षेप के तेजी से विकसित हो सकें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक के निवेश को पूर्ण सहयोग मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर उसमें बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने आर्थिक विकास के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों के कल्याण को भी प्राथमिकता देने की बात कही।
श्री भट्टाचार्य ने कहा कि उद्देश्य एक ऐसा बंगाल बनाना है जो पारदर्शी, निवेशक-अनुकूल और विकासोन्मुख हो तथा विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ICBI जैसे मंच उद्योग जगत, सरकार और अन्य हितधारकों को एक साथ लाकर उनकी चिंताओं को समझने तथा अगले दशक में “विकसित पश्चिम बंगाल” के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में एक जीवंत प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें व्यापारिक समुदाय के सदस्यों ने राज्य में कारोबार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल किए। प्रतिभागियों ने आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के उपायों पर भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए ICBI के फाउंडर ट्रस्टी श्री महेश कुमार केडिया ने कहा कि कार्यक्रम को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल के भविष्य को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करने में व्यापारिक समुदाय की गहरी रुचि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ICBI का उद्देश्य ऐसे सार्थक मंच तैयार करना है, जहां विचार, नीतिगत दृष्टिकोण और उद्योग जगत की अपेक्षाएं एक साथ आ सकें। उन्होंने श्री समिक भट्टाचार्य को उनके विचार साझा करने तथा सभी सदस्यों को सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।
श्री आदित्य मुरारका, फाउंडर ट्रस्टी, ने कहा कि कार्यक्रम में हुई उत्साहपूर्ण भागीदारी और सार्थक चर्चा इस आवश्यकता को रेखांकित करती है कि नीति-निर्माताओं और व्यापारिक समुदाय के बीच रचनात्मक संवाद के लिए ऐसे मंच लगातार आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस सत्र से सदस्यों को पश्चिम बंगाल के आर्थिक भविष्य और आने वाले अवसरों को समझने में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।
ICBI के फाउंडर ट्रस्टी श्री विष्णु सुरेका ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय मंच तैयार करना है, जहां उद्योग, सरकार और पेशेवर समुदाय राज्य के दीर्घकालिक विकास में योगदान देने वाले विचारों का आदान-प्रदान कर सकें। उन्होंने श्री समिक भट्टाचार्य के विचारों, सदस्यों, प्रायोजकों और साझेदारों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में इस प्रकार के और अधिक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग हाई-टी के साथ हुआ। इस दौरान उपस्थित उद्योगपतियों, उद्यमियों, पेशेवरों और अन्य प्रतिभागियों को अनौपचारिक माहौल में एक-दूसरे से बातचीत करने तथा विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला।
ICBI के बारे में
इंटरनेशनल चैंबर ऑफ बिजनेस एंड इंडस्ट्री (ICBI) एक प्रमुख उद्योग संगठन है, जो व्यावसायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, नीतिगत संवाद को सुगम बनाने तथा उद्योग, सरकार और शिक्षा जगत के बीच सहयोग के अवसर तैयार करने के लिए कार्य करता है। संगठन का उद्देश्य सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत और विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच पर लाना है।

