कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में समय पर पहचान और विशेषज्ञ से शीघ्र परामर्श सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में पता चल जाए तो अधिकांश मामलों में सफल उपचार संभव है। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और न्यूनतम इनवेसिव (Minimal Invasive) सर्जरी के कारण अब मरीजों की रिकवरी पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हो गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार सिर एवं गर्दन के कैंसर में जीभ, गाल, होंठ, तालू और गले के कैंसर शामिल हैं। यह बीमारी विशेष रूप से तंबाकू का सेवन करने वालों तथा मुंह में नुकीले दांतों से लगातार घाव होने वाले लोगों में अधिक देखी जाती है। जीभ या गाल में लंबे समय तक रहने वाला छाला, गर्दन में गांठ, आवाज में बदलाव तथा निगलने में कठिनाई इसके प्रमुख लक्षण हैं। प्रारंभिक अवस्था में उपचार मिलने पर रोगी के पूर्ण स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
स्तन कैंसर आज सभी आयु वर्ग की महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। इसका सबसे सामान्य लक्षण स्तन में गांठ का होना है। चिकित्सा विज्ञान में हुए नवीन विकास के कारण अब शुरुआती अवस्था में कई मरीजों का उपचार स्तन को सुरक्षित रखते हुए सफलतापूर्वक किया जा सकता है।
थायरॉयड कैंसर को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसके लक्षणों में गर्दन के बीच या किनारे पर सूजन दिखाई देना प्रमुख है। हालांकि कई मरीज देर से चिकित्सक के पास पहुंचते हैं, फिर भी उचित प्रकार के थायरॉयड कैंसर में उपचार के बाद अच्छे परिणाम और लंबी जीवन-प्रत्याशा संभव है। वर्तमान में थायरॉयड की सर्जरी भी न्यूनतम इनवेसिव तकनीकों के माध्यम से की जा रही है।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिकल (पाचन तंत्र) कैंसर जैसे अन्ननली, पेट, यकृत, अग्न्याशय, पित्ताशय, बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं और अब कम उम्र के लोगों में भी इनकी संख्या बढ़ रही है। विशेष रूप से कोलोरेक्टल कैंसर युवाओं में अधिक देखने को मिल रहा है, जबकि पित्ताशय और लीवर कैंसर उत्तर-पूर्व भारत में भौगोलिक कारणों से अपेक्षाकृत अधिक पाए जाते हैं। आधुनिक लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक तकनीकों ने इन कैंसरों के उपचार को अधिक सुरक्षित और शीघ्र रिकवरी वाला बना दिया है।
महिलाओं में स्त्रीरोग संबंधी कैंसर भी प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हैं। इनमें अंडाशय, गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) और बाह्य जननांगों के कैंसर शामिल हैं। गर्भाशय का कैंसर अक्सर असामान्य रक्तस्राव के कारण प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान में आ जाता है, जबकि अंडाशय का कैंसर कई बार उन्नत अवस्था में सामने आता है। सर्विक्स और बाह्य जननांगों के कई कैंसरों का अब प्रभावी रूप से रेडिएशन थेरेपी द्वारा उपचार किया जा रहा है, जिससे सर्जरी की आवश्यकता कम हो रही है।
मूत्र एवं जननांग संबंधी कैंसर में किडनी, मूत्राशय, वृषण तथा बाह्य जननांगों के कैंसर शामिल हैं। किडनी और मूत्राशय के कैंसर अक्सर देर से लक्षण प्रकट होने के कारण उन्नत अवस्था में सामने आते हैं, जबकि बाह्य जननांगों के कैंसर दर्दयुक्त घाव के रूप में जल्दी पहचान में आ सकते हैं। प्रारंभिक अवस्था में उपचार मिलने पर इन रोगियों के दीर्घकालिक परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहते हैं।
त्वचा, सॉफ्ट टिश्यू और हड्डी के कैंसर कुल वयस्क कैंसर मामलों का लगभग एक प्रतिशत होते हैं। पहले जहां अंग काटना (एम्प्यूटेशन) ही उपचार का प्रमुख विकल्प था, वहीं अब आधुनिक लिंब साल्वेज सर्जरी के माध्यम से प्रभावित अंग को बचाकर मरीज की जीवन गुणवत्ता और कार्यक्षमता को सुरक्षित रखा जा रहा है।
फेफड़ों का कैंसर पुरुषों और महिलाओं दोनों में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसरों में शामिल है। अधिकांश मरीज देर से निदान के कारण उन्नत अवस्था में चिकित्सक के पास पहुंचते हैं। लेकिन आधुनिक कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, वीडियो असिस्टेड थोराकोस्कोपिक सर्जरी (VATS) और रोबोटिक सर्जरी जैसी तकनीकों ने उपचार के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार किया है। इन तकनीकों से सर्जरी अधिक सुरक्षित हुई है और मरीजों की रिकवरी भी तेजी से होती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि उन्नत अवस्था के कैंसर रोगियों के लिए HIPEC (Hyperthermic Intraperitoneal Chemotherapy) और PIPAC (Pressurized Intraperitoneal Aerosol Chemotherapy) जैसी अत्याधुनिक तकनीकें नई उम्मीद लेकर आई हैं। HIPEC के माध्यम से कीमोथेरेपी के बाद जटिल सर्जरी कर उन मरीजों का भी उपचार संभव हो रहा है जिन्हें पहले ऑपरेशन के योग्य नहीं माना जाता था। वहीं PIPAC तकनीक स्थानीय रूप से फैले कैंसर में रोग नियंत्रण और लक्षणों से राहत प्रदान करने में प्रभावी साबित हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर से बचाव और सफल उपचार का सबसे प्रभावी उपाय है—किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करना, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना। समय पर पहचान और आधुनिक उपचार पद्धतियों की मदद से आज कैंसर के अनेक मरीज स्वस्थ एवं बेहतर जीवन जी रहे हैं।

