टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी, त्रिपुरा (TIUT) ने आज अपने शैक्षिक सफर में एक ऐतिहासिक पड़ाव छू लिया, जब त्रिपुरा के माननीय मुख्यमंत्री प्रो.(डॉ.) माणिक साहा ने अगरतला स्थित टेक्नो इंडिया नॉलेज कैंपस में विश्वविद्यालय के नवविकसित अधोसंरचनाओं का औपचारिक उद्घाटन किया। यह अवसर राज्य में उच्च शिक्षा के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।
त्रिपुरा अधिनियम संख्या 4 (2023) के अंतर्गत स्थापित TIUT, टेक्नो इंडिया ग्रुप की एक प्रमुख पहल है। आज आयोजित Ceremonial Inauguration & Foundation Stone Laying कार्यक्रम तथा सांस्कृतिक संध्या एवं Campus Illumination Ceremony विश्वविद्यालय के संस्थागत विकास और सांस्कृतिक समृद्धि दोनों का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:30 बजे विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के साथ हुई।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे:
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माननीय मुख्यमंत्री त्रिपुरा – प्रो.(डॉ.) माणिक साहा
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विशिष्ट अतिथि – श्री किशोर बर्मन, मंत्री, उच्च शिक्षा, पंचायत एवं GA (Political), त्रिपुरा सरकार
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे थे:
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प्रो. सत्यं रॉयचौधरी, माननीय कुलाधिपति, TIUT एवं संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, टेक्नो इंडिया ग्रुप
उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, छात्र सुविधाओं के आधुनिकीकरण और त्रिपुरा के शिक्षा-परिदृश्य में नवाचार को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से झलकती रही।
सुबह के सत्र की मुख्य उपलब्धियाँ
कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिनमें शामिल हैं—
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TIUT Academic Block–D का उद्घाटन
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TIUT टैगोर लाउंज का शुभारंभ
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रक्तदान शिविर का आयोजन
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पर्यावरण संरक्षण के तहत पौधारोपण
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छात्रों की परियोजनाओं की प्रदर्शनी एवं पारंपरिक खाद्य स्टॉलों का उद्घाटन
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विश्वविद्यालय की प्रमुख प्रकाशन सामग्री – Mandala, TIUT Times और OBE & Skillsets: Theory to Practice का विमोचन
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कई प्रमुख अवसंरचनाओं की आधारशिला—
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गर्ल्स हॉस्टल
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बॉयज़ हॉस्टल
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ऑडिटोरियम
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वाइस-चांसलर बंगला
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स्टाफ रेसिडेंशियल ब्लॉक
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ओपन जिम और ओपन थिएटर का ऑनलाइन उद्घाटन
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विभिन्न संस्थानों और संगठनों के साथ MoU का आदान-प्रदान
मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री प्रो.(डॉ.) माणिक साहा ने इस अवसर पर कहा कि—
“टेक्नो इंडिया नॉलेज कैंपस और इससे संबंधित सुविधाओं का उद्घाटन मात्र एक संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि त्रिपुरा की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने बताया कि राज्य में उच्च शिक्षा की बढ़ती मांग को इस परियोजना ने नई दिशा दी है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि—
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कैंपस में वर्तमान में लगभग 2,500 छात्र विभिन्न राज्यों से अध्ययन कर रहे हैं, जो इसकी लोकप्रियता और गुणवत्ता का प्रमाण है।
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टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी सहित त्रिपुरा के उच्च शिक्षण संस्थान NEP 2020 की भावना और उद्देश्यों को तेजी से अपना रहे हैं।
कुलाधिपति का संबोधन
प्रो. सत्यं रॉयचौधरी ने अपने स्वागत भाषण में कहा—
“त्रिपुरा टेक्नो इंडिया के लिए हमेशा से विशेष रहा है। 1988 में त्रिपुरा के पहले कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र से शुरू हुई यह यात्रा आज एक समृद्ध शैक्षणिक विरासत का रूप ले चुकी है।”
उन्होंने त्रिपुरा सरकार, माननीय मुख्यमंत्री, साझेदार संस्थानों और त्रिपुरा के लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि नई आधारशिलाएँ इस शैक्षणिक यात्रा के अगले चरण का प्रतिनिधित्व करती हैं।
अन्य माननीय वक्ताओं का उद्बोधन
प्रो. मनोशी रॉय चौधरी, माननीय सह-अध्यक्ष, टेक्नो इंडिया ग्रुप, ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय का विकास न केवल पाठ्यपुस्तक-आधारित शिक्षा पर निर्भर करता है, बल्कि—
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AI और उभरती तकनीकों का समावेश
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सतत विकास व पर्यावरण जागरूकता
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व्यावहारिक और सार्थक शोध
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प्रभावी प्रशासन
जैसे तत्व भी उसकी मजबूती तय करते हैं।
सांस्कृतिक संध्या एवं कैंपस इल्यूमिनेशन समारोह
दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू हुआ।
इसमें उपस्थित थे—
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मुख्य अतिथि – श्री रतन लाल नाथ, मंत्री (विद्युत, कृषि एवं किसान कल्याण, विधि एवं संसदीय कार्य, चुनाव), त्रिपुरा सरकार
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विशिष्ट अतिथि – प्रो.(डॉ.) अरुणोदय साहा, पूर्व कुलपति, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
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विशेष अतिथि – श्री प्रणब सरकार, अध्यक्ष, अगरतला प्रेस क्लब
सत्र की शुरुआत 33 kV ड्यूल-फीडिंग इनडोर सबस्टेशन के उद्घाटन से हुई, जो कैंपस की विद्युत संरचना को अधिक मजबूत और भविष्य-तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समापन
पूरे दिन चले इस भव्य आयोजन ने TIUT के विकास, त्रिपुरा में उच्च शिक्षा की प्रगति और ज्ञान-आधारित समाज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया।
टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी, त्रिपुरा ने इस अवसर को न केवल एक अधोसंरचनात्मक उपलब्धि के रूप में मनाया, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और समुदाय के सामंजस्यपूर्ण उत्सव के रूप में भी चिह्नित किया।

कुलाधिपति सत्यं रॉयचौधरी की उपस्थिति में ऐतिहासिक समारोह
