भारत में प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में Pluro Fertility and IVF का आधिकारिक शुभारंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य देश के प्रमुख और भरोसेमंद फर्टिलिटी विशेषज्ञों को एक ही मंच पर लाकर दंपतियों के लिए फर्टिलिटी उपचार को अधिक पारदर्शी, सुलभ और मानवीय बनाना है।
इस संस्थान की स्थापना Dr. Jaydeep Tank, Dr. Parikshit Tank और Dr. Bhaskar Shah द्वारा की गई है। प्लुरो की स्थापना उस विश्वास पर आधारित है जिसने दशकों से इस क्षेत्र के श्रेष्ठ डॉक्टरों का मार्गदर्शन किया है—कि उत्कृष्ट फर्टिलिटी उपचार विज्ञान और संवेदनशीलता, दोनों का संतुलित समन्वय है। प्लुरो कंसल्टेशन रूम के बाहर की सभी व्यवस्थाओं को संभालता है, जिससे उसके सहयोगी डॉक्टर पूरी तरह मरीजों की देखभाल और परिवार बनाने के अपने मुख्य उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
प्लुरो के साथ शुरुआत से ही भारत के कई प्रतिष्ठित फर्टिलिटी विशेषज्ञ और संस्थान जुड़े हुए हैं। इनमें कोलकाता का प्रसिद्ध Ankuran Fertility and IVF Clinic भी शामिल है। इस संस्थान की स्थापना Dr. Basudeb Mukherjee, Dr. Basab Mukherjee और Dr. Dibyendu Banerjee ने की थी। पूर्वी भारत में यह केंद्र वर्षों से भरोसे, नैतिकता और उत्कृष्ट चिकित्सकीय सेवाओं के लिए जाना जाता है।
इस अवसर पर प्लुरो के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Dr. Jaydeep Tank ने कहा कि भारत के प्रतिष्ठित फर्टिलिटी विशेषज्ञों ने दशकों से मरीजों के साथ विश्वासपूर्ण संबंध बनाए हैं और लगातार सफल परिणाम दिए हैं। प्लुरो का उद्देश्य उसी भरोसे को और मजबूत करना है, ताकि डॉक्टर बिना उपचार की गुणवत्ता से समझौता किए अधिक से अधिक दंपतियों तक पहुंच सकें।
प्लुरो नेटवर्क की विशेषता केवल उसका विस्तार नहीं है, बल्कि वह साझा मानक भी है जिसे हर साझेदार संस्थान अपनाता है। इसमें मरीजों के साथ पूर्ण पारदर्शिता, नैतिक निर्णय-प्रक्रिया और जिम्मेदार चिकित्सा सेवाएं प्रमुख हैं।
IVF की बढ़ती आवश्यकता और मांग
भारत में पिछले चार दशकों से प्रजनन दर लगातार घट रही है। इसके पीछे उच्च शिक्षा, देर से विवाह, शहरीकरण, बढ़ती जीवन लागत और छोटे परिवार की बढ़ती प्राथमिकता जैसे कई सामाजिक-आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। आजकल अधिकतर लोग व्यक्तिगत और आर्थिक स्थिरता प्राप्त करने के बाद ही माता-पिता बनने की योजना बनाते हैं।
हालांकि जीवन की प्राथमिकताएं बदल गई हैं, लेकिन जैविक प्रजनन क्षमता उम्र के साथ स्वाभाविक रूप से कम होती जाती है। ऐसे में समय पर जागरूकता और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। यह प्रवृत्ति अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों तक भी फैल रही है। इसलिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में उन्नत फर्टिलिटी सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना आवश्यक है, ताकि जब भी दंपति परिवार शुरू करने का निर्णय लें, उन्हें उचित मार्गदर्शन और उपचार मिल सके।

