छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

छात्र जीवन और किशोरावस्था व्यक्ति के जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होता है। इसी अवधि में बच्चों का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास होता है। चूंकि इस समय का एक बड़ा हिस्सा विद्यालय में व्यतीत होता है, इसलिए अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। हाल के दिनों में वरिष्ठ छात्रों द्वारा कनिष्ठ छात्रों के उत्पीड़न की घटनाओं ने विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को और अधिक बढ़ा दिया है।

इसी उद्देश्य से 27 से 29 जुलाई 2026 तक सेंट ऑगस्टिन डे स्कूल की पहल और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से आचार्य जगदीश चंद्र बोस रोड स्थित स्कूल परिसर के सी. आर. गैस्पर मेमोरियल हॉल में शिक्षकों, शिक्षिकाओं और स्कूल काउंसलरों के लिए छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विषय पर तीन दिवसीय विचार-विमर्श एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का संचालन स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. रिचर्ड गैस्पर के साथ अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि एवं देश के प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. शेखर शेषाद्रि तथा प्रसिद्ध बाल मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. शीला रामस्वामी ने किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक पत्रकार सम्मेलन भी आयोजित किया गया।

पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. शेखर शेषाद्रि ने कहा कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों की मानसिक आवश्यकताओं को समझना तथा विद्यालयों में ऐसा वातावरण विकसित करना है, जो बच्चों और किशोरों के स्वस्थ मानसिक विकास को प्रोत्साहित करे।

डॉ. शीला रामस्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण वातावरण प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि बच्चे दिन का अधिकांश समय विद्यालय में बिताते हैं, इसलिए शिक्षकों, शिक्षाकर्मियों और स्कूल काउंसलरों को इस विषय में समुचित प्रशिक्षण दिया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे बच्चों की मानसिक और भावनात्मक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. रिचर्ड गैस्पर ने बताया कि इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों, शिक्षिकाओं, शिक्षाकर्मियों एवं स्कूल काउंसलरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और आपसी अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से नई सीख प्राप्त की, जिससे विद्यार्थियों के लिए अधिक सुरक्षित एवं संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में सहायता मिलेगी।

पत्रकार सम्मेलन में स्कूल की अध्यक्ष एडना गैस्पर तथा कोषाध्यक्ष श्रीमती एस्थर गैस्पर ने भी अपने विचार व्यक्त किए और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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