विश्व पर्यावरण दिवस एवं रवीन्द्र-नज़रुल संध्या के साथ सम्पन्न हुई सहयोद्धा मंच और अंतरराष्ट्रीय जलंगी साहित्य पत्रिका की 625वीं मासिक साहित्य सभा

सहयोद्धा मंच एवं अंतरराष्ट्रीय जलंगी साहित्य पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार, 5 जून 2026 को सायं 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक 625वीं मासिक साहित्य सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व पर्यावरण दिवस के साथ-साथ रवीन्द्र-नज़रुल संध्या का भी आयोजन किया गया, जिससे कार्यक्रम साहित्य, संस्कृति और पर्यावरण चेतना का एक सुंदर संगम बन गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय जलंगी साहित्य पत्रिका की संपादिका श्रीमती चिन्मयी विश्वास ने मधुर रवीन्द्र संगीत प्रस्तुत कर किया। कार्यक्रम में पत्रिका के अध्यक्ष श्री रामपद विश्वास सहित बसंत पाल, अंजता आढ्य, दीपक मंडल, छवि दास, डॉ. रतिकांत मालाकार, अनुराधा हालदार, ध्रुव हालदार, मीना दास, राधेश्याम दास तथा सुनीति विकास चौधुरी सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सांस्कृतिक कर्मी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान बसंत पाल ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर एवं कवि काज़ी नज़रुल इस्लाम के जीवन और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं दीपक मंडल ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर की बहुआयामी प्रतिभा और उनके वैश्विक साहित्यिक प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. रतिकांत मालाकार ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर के पारिवारिक परिवेश, शिक्षा और उनके व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया पर एक विस्तृत एवं प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुति के अंतर्गत अंजता आढ्य, छवि दास और मीना दास ने अपने सुमधुर स्वर में रवीन्द्र संगीत एवं नज़रुल गीति प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ध्रुव हालदार ने अपने संगीत सीखने के अनुभवों को साझा करते हुए एक रवीन्द्र संगीत तथा एक नज़रुल गीति का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण किया।

कार्यक्रम के समापन चरण में सभा के अध्यक्ष श्री रामपद विश्वास ने संगीत प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को एक विशेष ऊँचाई प्रदान की। अंत में सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक स्वर में राष्ट्रगान “जन गण मन” गाकर सभा के समापन की घोषणा की।

साहित्य, संगीत और पर्यावरण जागरूकता के समन्वय से सम्पन्न यह आयोजन उपस्थित सभी लोगों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक संध्या सिद्ध हुआ।

विश्व पर्यावरण दिवस एवं रवीन्द्र-नज़रुल संध्या के साथ सम्पन्न हुई सहयोद्धा मंच और अंतरराष्ट्रीय जलंगी साहित्य पत्रिका की 625वीं मासिक साहित्य सभा

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