जॉयजीत दास मेमोरियल स्कूल की संस्थापक एवं ‘दशोभुजा’ पहल की प्रणेता शिमंती दास ने वंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को नृत्य कला के माध्यम से सशक्त बनाने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक विशेष नृत्य शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की है।
इस महत्वाकांक्षी पहल को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ओडिसी नर्तक अविरूप सेनगुप्ता को नृत्य प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। अविरूप सेनगुप्ता लंबे समय से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ कार्य कर रहे हैं और उनके लिए एक समर्पित नृत्य विद्यालय भी संचालित करते हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और उनके लिए भविष्य के नए अवसर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय विधायक पापिया अधिकारी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मधुचंदा कर उपस्थित रहीं। दोनों अतिथियों ने कला के माध्यम से समावेशिता, सशक्तिकरण और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने वाली इस पहल की सराहना की।
जॉयजीत दास मेमोरियल स्कूल की संस्थापक शिमंती दास के नेतृत्व में संस्था लगातार समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों के बच्चों के लिए नए अवसर सृजित करने का कार्य कर रही है। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।
‘दशोभुजा’ पहल शिमंती दास की उस दूरदर्शी सोच का प्रतीक है, जिसमें शिक्षा, संस्कृति और रचनात्मकता को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम माना गया है। यह पहल बच्चों को न केवल कला से जोड़ने का कार्य करेगी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, सक्षम और आत्मनिर्भर नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगी।
इस कार्यक्रम को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में अनेक बच्चों के जीवन को नई दिशा और पहचान प्रदान करेगा।

